उत्तर प्रदेश मिनी कामधेनु डेयरी

उत्तर प्रदेश मिनी कामधेनु डेयरी योजना 2019-20 ऑनलाइन आवेदन

दोस्तों आज हम आपको उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के किसानों के लिए चलाई जा रही एक नई योजना जिसका नाम “मिनी कामधेनु डेयरी योजना” है के बारे में बताएंगे | हम अपने इस आर्टिकल में आपको यह बताएंगे | कि किस तरह आप इस योजना का लाभ ले सकते हैं | इसके साथ साथ हम आपको यह भी बताएंगे, कि किस तरह आप ऑनलाइन आवेदन करके योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं |आर्टिकल से जुड़ी अन्य जानकारियां प्राप्त करने के लिए नीचे दिए हमारे इस लेख को आप ध्यान पूर्वक पढ़ लीजिए |

उत्तर प्रदेश मिनी कामधेनु डेयरी योजना

  • योजना का नाम – उत्तर प्रदेश मिनी कामधेनु डेयरी योजना
  • योजना की शुरुआत – पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा
  • कब शुरू की गई थी योजना – वर्ष 2013
  • योजना का लाभ– राज्य के किसान
  • डायरी योजना की देखरेख – उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग द्वारा
उत्तर प्रदेश मिनी कामधेनु डेयरी
उत्तर प्रदेश मिनी कामधेनु डेयरी

योजना उद्देश्य

  • योजना को शुरू करने का उद्देश्य राज्य में उच्च उत्पादन क्षमता के गोवंश नर एवं मादा पशुओं का उत्पादन करना है |
  • योजना को शुरू करके राज्य सरकार राज्य में रोजगार के नए अवसर प्रदान करना चाहती है |
  • कामधेनु डेयरी योजना से राज्य में पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता में राज्य सरकार बढ़ोतरी लाना चाहती है |

कामधेनू डेयरी योजना

Updated On 31.05.2019

We all know that, Uttar pradesh government has launched the scheme and interested and eligible candidates can check and avail the benefits under this scheme. As we all know that, unemployed candidates who looking to start their own business, they can take help through this scheme. Here we describe all easiest methods in Hindi Language. Uttar pradesh Government has started many govt. schemes and there are many candidates who easily avail the benefits.

मिनी कामधेनु डेयरी योजना के लिए जरूरी योग्यता

राज्य में प्रथम चरण में 50 दुधारू गाय / भैंसों की 150 यूनिट स्थापित की जाएंगी | तथा इसे आगामी वर्षों में विस्तृत किया जाएगा |

दुधारू गाय में संकर जर्सी, संकर एचएफ, अथवा शाहीबाग प्रजाति की गाय होंगी |

भैंसों की प्रजाति में केवल मुर्रा भैंस ही रखी जाएगी |

50 दुधारू पशुओं की एक यूनिट स्थापित करने हेतु पशुपालक अपनी सुविधा अनुसार यह समय निर्धारित करेगा कि उसे यूनिट में समस्त गाय रखनी है या समस्त भैंस रखनी है |

गाय की यूनिट स्थापित करने में समस्त गाय एक ही प्रजाति की होनी चाहिए |

यूनिट की पूर्ण लागत का 25% धनराशि लाभार्थी को समय लगानी होगी एवं 75% धनराशि बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त करनी होगी |

नियमित ऋण अदा ना करने पर योजना के अनुसार कुल ब्याज की प्रतिपूर्ति की धनराशि के अतिरिक्त यदि ब्याज पड़ता है तो उसे लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा |

यदि पूरी यूनिट दुधारू गायों की है तो यूनिट में सांड नहीं रखा जाएगा मुर्रा सांड केबल गायों भैंसों की मिश्रित यूनिट अथवा केवल भैंसों की यूनिट में रखा जाएगा |

पशुओं का क्रय प्रदेश के बाहर से किया जाएगा |

क्रय किए गए समस्त पशुओं का बीमा कराया जाएगा तथा लाभार्थी को विभाग द्वारा डेयरी प्रबंधन, पशु पोषण, एवं पशु स्वास्थ्य तथा लेखा संबंधी रखरखाव के संबंध में पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है |

उत्तर प्रदेश मिनी कामधेनु डेयरी योजना इकाई लागत

  • यदि आप 50 दुधारू पशुओं की एक यूनिट स्थापित होने की कुल धनराशि ₹52,35,000 आएगी |
  • जिसमें लाभार्थी को 25% धनराशि यानी कि 13,9000 रुपे समय लगाने होंगे |
  • बाकी की धनराशि 39 लाख 26 हजार बैंक से ऋण के माध्यम से प्राप्त होगा |
  • यदि लाभार्थी 75% से अधिक धनराशि का ऋण प्राप्त करता है|
  • तो योजना लागत के 75% पर ही ब्याज की प्रतिपूर्ति की जाएगी |
  • पशुपालक को राष्ट्रीय कृत बैंक से ऋण लेकर पशुओं का क्रय करना होगा एवं ऋण की ली गई धनराशि का मूल धन 5 वर्षों में नियमित रूप से बैंक को अदा करना होगा |
  • नियमित रूप से ऋण अदा ना करने पर योजना के अनुसार कुल ब्याज की प्रतिपूर्ति की धनराशि के अतिरिक्त यदि ब्याज पड़ता है तो लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा |
  • योजना के अनुसार क्रय किए गए पशुओं का बीमा करवाना आवश्यक होगा |

मिनी कामधेनु योजना के लिए जरूरी दस्तावेज

  • उत्तर प्रदेश स्थाई निवास प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • 1 एकड़ से ऊपर भूमि के कागजात
  • बैंक अकाउंट पासबुक

मिनी कामधेनु योजना लाभार्थी का चयन

  • योजना के अनुसार ऐसे लाभार्थी का चयन किया जाएगा |
  • जो पशुपालन में रुचि रखता हो तथा पूर्व से ही पशुपालन का कार्य कर रहा हो |
  • लाभार्थी के पासवर्ड बनाने की भूमि के अतिरिक्त कम से कम 1 एकड़ भूमि होना आवश्यक है |
  • दोस्तों यूनिट की स्थापना यथासंभव पीसीडीए के मिल्क रूट पर की जाएगी ताकि दूध की बिक्री पूर्वक हो सके |
  • लाभार्थी का चयन मुख्य विकास अधिकारी, की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा |
  • पशुओं का क्रय प्रदेश के बाहर से किया जाएगा |
  • पशुओं का क्रय मूल्य पशु चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा |

दोस्तों आज हमने आपको उत्तर प्रदेश सरकार

द्वारा मिनी कामधेनु डेयरी योजना के बारे में जानकारी दी हमें उम्मीद है | आपको यह जानकारी पसंद आई होगी आर्टिकल से जुड़े कोई भी पूछ सकते हैं | हम आपके प्रश्नों का अवश्य उत्तर देंगे धन्यवाद पोस्ट को शेयर करना ना भूले |

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