बेटी ने लीवर दान करके बचाई पिता की जान

बेटी ने लीवर दान करके बचाई पिता की जान | बेटे ने तो कर दिया था मना

दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते ही होंगे कि बेटियां हमारे देश की कुछ अलग ही समाज में एक नया संदेश छोड़ जाती हैं इसी के चलते मिर्जापुर की एक ऐसी ही बेटी ने सभी का सीना गर्व से ऊंचा कर दिया खुद की जान की परवाह न करते हुए कुछ समय पहले एक बेटी ने अपना लीवर पिता को दान कर दिया बेटी की शादी हो चुकी है उसके भी दो छोटे-छोटे बच्चे साबित कर दिया आखिर क्यों एक पिता और बेटी का रिश्ता भगवान का सबसे अनमोल ग्रोवर है |

बेटी ने लीवर दान करके बचाई पिता की जान

यह घटना मिर्जापुर के जलालपुर थाना क्षेत्र वार गांव में रहने वाले रवि प्रकाश त्रिपाठी की हालत पिछले कुछ दिनों से खराब हो गई थी | वाराणसी के हेरिटेज हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया कई दिनों बाद डॉक्टरों ने उनके लीवर का परीक्षण किया तो लीवर मैरिसा पाया गया | उन्होंने बताया कि व्यक्ति का को गुड़गांव की एम्स में जाने की सलाह दी परिजन रवि प्रकाश त्रिपाठी को लेकर मेदांता अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने लिवर ट्रांसप्लांट के लिए कहा इसके लिए किसी डोनर की जरूरत थी जो लिवर ट्रांसप्लांट कर सकें | रवि प्रकाश त्रिपाठी के कुल 6 बच्चे थे जिनमें से दो लड़के अरुण और वरुण साथ ही 4 बेटियां बिना ब्यूटी बुलबुल और बानो है | लेकिन लीवर देने के लिए कोई भी आगे नहीं आया |

बेटी ने लीवर दान करके बचाई पिता की जान
बेटी ने लीवर दान करके बचाई पिता की जान

लड़की ने किया लिवर दान पिता की बचाई जान

इसी के साथ-साथ लीवर ट्रांसफर रवि प्रकाश त्रिपाठी का बचना मुश्किल था जैसे ही बिना को इस बारे में पता चला तो बेटी ने अपने ससुराल कंचनपुर से अपने ससुर श्री नीति उपाध्याय के साथ में दादा ताल गुड़गांव पहुंची पिता की जान बचाने के लिए खुद अपना लिवर ट्रांसप्लांट करवाने का फैसला लिया हालांकि इस फैसले में वीणा के प्रति मनीष उपाध्याय और ससुर नीति उपाध्याय का भी समर्थन था |

दोस्तों आज हमने आपको एक बेटी द्वारा अपने पिता को किए हुए लीवर दान की जानकारी दी | उम्मीद करते हैं आपको यह जानकारी पसंद आई होगी आर्टिकल से जुड़े कोई भी प्रश्न आप नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं हम आपके प्रश्नों का अवश्य उत्तर देंगे धन्यवाद पोस्ट को शेयर करना ना भूले

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